Thursday, September 22
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Hanuman Jayanti 2022: जानिए हनुमान जन्मोत्सव पर बनने वाले शुभ मुहूर्त, शुभ योग, पूजा विधि, मंत्र, महत्व

Hanuman Jayanti

Hanuman Jayanti 2022 : हनुमान जयंती भगवान हनुमानजी के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। इस दिन भक्त बजरंगबली के नाम का व्रत रखते हैं। हर साल हनुमान जयंती चैत्र मास (हिन्दू माह) की पूर्णिमा को मनाई जाती है, हालांकि कई जगहों पर यह पर्व कार्तिक मास (हिन्दू माह) के कृष्णपक्ष के चौदवें दिन भी मनाई जाती है।

Hanuman Jayanti 2022 Date

Hanuman janmotsav 2022 date: वैदिक पंचांग के अनुसार, हनुमान जयंती इस साल चैत्र पूर्णिमा 16 अप्रैल 2022, शनिवार को मनाई जाएगी। खास बात यह है कि इस दिन शनिवार पड़ने के कारण इसका महत्व और बढ़ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार और शनिवार का दिन श्रीराम भक्त हनुमान जी को समर्पित माना गया है। जानिए हनुमान जयंती या हनुमान जन्मोत्सव पर बनने वाले शुभ योग, मुहूर्त, पूजन विधि व मंत्र-

हनुमान जयंती शुभ योग, मुहूर्त

16 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 34 मिनट से हर्षण योग शुरू होगा, जो कि 17 अप्रैल 2022 को देर रात 02 बजकर 45 मिनट पर समाप्त होगा।

कितने बजे से शुरू होगी चैत्र पूर्णिमा 2022

हिंदू पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 16 अप्रैल 2022, शनिवार को देर रात 02 बजकर 26 मिनट से शुरू होगी,जो कि 17 अप्रैल 2022, रविवार को सुबह 12 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगी।

इस विधि से करें हनुमान जी की पूजा-

  • व्रत की पूर्व रात्रि को जमीन पर सोने से पहले भगवान राम और माता सीता के साथ-साथ हनुमान जी का स्मरण करें।
  • प्रात: जल्दी उठकर दोबारा राम-सीता एवं हनुमान जी को याद करें।
  • जल्दी सबेरे स्नान ध्यान करें।
  • अब हाथ में गंगाजल लेकर व्रत का संकल्प करें।
  • इसके बाद, पूर्व की ओर भगवान हनुमानजी की प्रतिमा को स्थापित करें।
  • अब विनम्र भाव से बजरंगबली की प्रार्थना करें।
  • विधि विधान से श्री हनुमानजी की आराधना करें।

हनुमान जन्मोत्सव पर बनने वाले शुभ मुहूर्त-

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:26 ए एम से 05:10 ए एम।
  • अभिजित मुहूर्त- 11:55 ए एम से 12:47 पी एम।
  • विजय मुहूर्त- 02:30 पी एम से 03:21 पी एम।
  • गोधूलि मुहूर्त- 06:34 पी एम से 06:58 पी एम।
  • अमृत काल- 01:15 ए एम, अप्रैल 17 से 02:45 ए एम, अप्रैल 17।
  • रवि योग- 05:55 ए एम से 08:40 ए एम।

हनुमान जी के मंत्र-
श्री हनुमंते नम:
हनुमान जी का मूल मंत्र:- ओम ह्रां ह्रीं ह्रं ह्रैं ह्रौं ह्रः॥ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्।