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Google Doodle Today: Google Doodle Sarla Thukral 107th Birthday, First Indian Woman to Pilot an Aircraft
Google Doodle Today Sarla Thukral: Today Google is celebrating Indian pilot, designer, and entrepreneur Sarla Thukral on her 107th birthday with a high-flying illustration by guest artist Vrinda Zaveri. Thukral was the first Indian woman to pilot an aircraft. Sarla Thukral Google Doodle: गूगल ने आज रविवार 08 अगस्त को सरला ठकराल को उनकी 107वीं ... Read more
 
Google Doodle Today: Google Doodle Sarla Thukral 107th Birthday, First Indian Woman to Pilot an Aircraft
Google Doodle Today Sarla Thukral (Image Source Google)

Google Doodle Today Sarla Thukral: Today Google is celebrating Indian pilot, designer, and entrepreneur Sarla Thukral on her 107th birthday with a high-flying illustration by guest artist Vrinda Zaveri. Thukral was the first Indian woman to pilot an aircraft.

Sarla Thukral Google Doodle: गूगल ने आज रविवार 08 अगस्‍त को सरला ठकराल को उनकी 107वीं जयंती के अवसर पर अपने Search इंजन के होमपेज पर एक डूडल बना कर उन्हें सम्मान दिया है।

गूगल ने कहा है, “हमने पिछले साल भारत में सरला ठकराल के सम्मान में इसी डूडल को चलाने की योजना बनाई थी। मगर, जब केरल में दुखद विमान दुर्घटना हुई तो हमने घटना और राहत प्रयासों के संबंध में डूडल को रोक दिया। हम आमतौर पर एक से अधिक बार डूडल नहीं चलाते हैं, लेकिन ठकराल ने उड्डयन में महिलाओं के लिए एक ऐसी स्थायी विरासत छोड़ी है कि हमने इस साल उनके 107 वें जन्मदिन के सम्मान में डूडल चलाने का फैसला किया है। ”

Sarla Thukral: सरला ठकराल का जन्म 15 मार्च को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने साल 1929 में पहली बार दिल्ली में खोले गए फ्लाइंगक्लब में विमान चालन का प्रशिक्षण लिया था और एक हजार घंटे का अनुभव भी लिया था। दिल्ली के ही फ्लाइंग क्लब में उनकी भेंटपीडी शर्मा से हुई जो उस क्लब में खुद एक व्यावसायिक विमान चालक थे। विवाह के बाद उनके पति ने उन्हें व्यावसायिक विमान चालक बनने का प्रोत्साहन दिया।

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पति के प्रोत्साहन से सरला ठकराल ने जोधपुर फ्लाइंग क्लब में ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। सरला ठकराल के लिए 1936 बहुत ही ख़ास था क्यूँकि 1936 में लाहौर का हवाईअड्डा उस ऐतिहासिक पल का गवाह बना जब 21 वर्षीया सरला ठकराल ने जिप्सी मॉथ नामक दोसीट वाले विमान को उड़ाया था। 

साल 1939 सरला के जीवन के लिए बहुत ही दुख भरा रहा। जब वह कमर्शियल पायलेट लाइसेंस लेने के लिए कड़ी मेहनत कर रही थी तब दूसरा विश्व युद्ध छिड़ गया। फ्लाइट क्लब बंद हो गया और फिर सरला ठकराल को अपनी ट्रेनिंग भी बीच में ही रोकनी पड़ी। इससे भी ज्यादा दुख की बात यह रही कि इसी साल एक विमान दुर्घटना में उनके पति का देहांत हो गया।

सरला पति की मौत के समय लाहौर में थी तब उनकी उम्र 24 साल थी। वहां से सरला वापस भारत गईं और मेयो स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला ले लिया। जहां उन्होंने बंगाल स्कूल ऑफ से पेंटिंग सीखी और फाइन आर्ट में डिप्लोमा भी किया। भारत के विभाजन के बाद सरला अपनी दो बेटियों के साथ दिल्ली गई और यहां उनकी मुलाकात पीपी ठकराल के साथ हुई। ठकराल ने उनके साथ साल 1948 में शादी कर ली। जिंदगी की दूसरी पारी में वो सफल उद्धमी और पेंटर बनीं। 15 मार्च 2008 को सरला ठकराल की मौत हो गई।