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Digital India के तहत मोबाइल टावर लगाने के लिए सरकार दे रही है 30 लाख रुपये! जानिए क्या है वायरल मैसेज की सच्चाई

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक खबर के अनुसार डिजिटल इंडिया के तहत केंद्र सरकार ग्राम पंचायतों में वाई फाई टावर लगवा रही है। इसमें सरकार की मोहर के साथ डिजिटल इंडिया का लोगो लगा है और इसका शिर्षक ''DIGITAL INDIA WI-FI NETWORK'' दिया गया है। 

 

PIB Fact Check: सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक खबर के अनुसार डिजिटल इंडिया के तहत केंद्र सरकार ग्राम पंचायतों में वाई फाई टावर लगवा रही है। इसमें सरकार की मोहर के साथ डिजिटल इंडिया का लोगो लगा है और इसका शिर्षक ''DIGITAL INDIA WI-FI NETWORK'' दिया गया है। 

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केन्द्र सरकार को पंजीकरण शुल्क देने पर डिजिटल इंडिया वाई-फाई नेटवर्क के तहत टावर लगवा रही है। कहा जा रहा है की अगर आप अपने जमीन पर टावर लगवाते हैं तो आपको 30 लाख रुपए और परिवार के एक सदस्य को 25 हजार रुपए प्रति महीने की नौकरी भी मिलेगी। आइए जानते हैं क्या है इसकी पूरी सच्चाई?

क्या है वायरल मैसेज Fake News

दरअसल यह एक एग्रीमेंट लेटर है जिसे लोगों को भेजा जा रहा है। इसमें सरकार की मोहर के साथ डिजिटल इंडिया का लोगो लगा है और इसका शिर्षक ”DIGITAL INDIA WI-FI NETWORK” दिया गया है। इस लेटर में लिखा है कि  "यह पत्र आपके (मोबाइल वाई-फाई) नेटवर्क डिजिटल इण्डिया की तरफ से भेजा गया है। आपको सूचित किया जाता है कि आपके ग्राम सभा में आपके जगह को (वाई-फाई डिजिटल इंडिया) के तहत नेटवर्क द्वारा सर्वे टीम उस जगह की जांच पड़ताल करके (फ्रीक्वेंसी) चेककर लिया गया है, जगह आपके नाम पर पास है। ऐसा सुरक्षा कि दृष्टि एवं दूसरी कंपनियों के नेटवर्क को ध्यान में रखते हुए किया गया है।" 

आगे लिखा है, "आपको सूचित किया जाता है कि जिस जगह पर (वाई-फाई नेटवर्क) लगेगा उस जगह पर किराए के रूप में प्रतिमाह 25000/- रुपए जगह के एडवांस के रुपए में कम्पनी 30 लाख रुपए और 20 वर्षों का कोर्ट एग्रीमेंट व एक व्यक्ति को स्थाई कर्मचारी के रुप में नौकरी दी जाती है, जिन्हें प्रति महीने 25000 रुपए दिए जाएंगे। उनकी योग्यता 10वीं पास होना अनिवार्य है।" यही नहीं आगे लिखा है कि आपको आवेदन के रूप में 730 शुल्क जमा करना होगा। आवेदन कर्ता के शुल्क जमा करने 96 घंटे के अंदर (वाई-फाई नेटवर्क) काम शुरू कर दिया जाएगा।

इस वायरल मैसेज को लेकर पीआईबी की फैक्ट टीम ने जांच की और बताया कि यह मैसेज पूरी तरह से फर्जी है। पीआईबी फैक्ट चेक ने ट्वीट के जरिए कहा है कि एक अनुमोदन पत्र में दावा किया गया है कि भारत सरकार के तहत मोबाइल टावर स्थापित कर रही है। पत्र में पंजीयन शुल्क के बहाने 730 रुपये देने की भी मांग की जा रही है। यह दावा है फेक (FAKE) है। भारत सरकार ने ने यह अनुमोदन पत्र जारी नहीं किया है।