
Bihar Railway Project News: भारतीय रेलवे की तरफ से बिहार के खगड़िया और दरभंगा जिले के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। कई सालों से बंद अलौली–कुशेश्वरस्थान रेल परियोजना अब चालू होने जा रही है। जिसके लिए भारतीय रेलवे ने ₹211.41 करोड़ का टेंडर जारी कर दिया है, जिससे स्थानीय लोगों की उम्मीदें फिर से जाग गई हैं।
₹211 करोड़ में बनेगी 4.5 किमी नई रेल लाइन
Alauli Kusheshwarsthan Rail Line: समस्तीपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाली अलौली–कुशेश्वरस्थान नई रेल लाइन परियोजना (Alauli Kusheshwarsthan Rail Project) को आगे बढ़ाने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। जारी टेंडर के तहत पहले चरण में अलौली से चेरा खेड़ा (Alauli Chera Khera railway line) के बीच करीब 4.5 किलोमीटर लंबी नई ब्रॉड गेज रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना में रेल लाइन के साथ-साथ पुल, पुलिया और अन्य आवश्यक रेलवे संरचनाओं का भी निर्माण किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में चेरा खेड़ा से कुशेश्वरस्थान (Chera Khera Kusheshwarsthan Railway Project) (लगभग 17.95 किमी) तक रेल लाइन निर्माण के लिए 20 मार्च तक टेंडर और अनुबंध जारी होने की संभावना है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
- कुल लागत: पूरी परियोजना के लिए लगभग ₹1384.16 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
- कुल लंबाई: संशोधित योजना के अनुसार परियोजना की लंबाई 40.953 किलोमीटर होगी।
- समय सीमा: रेलवे ने इस पूरे प्रोजेक्ट को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
- कनेक्टिविटी: इस रेल लाइन से खगड़िया और दरभंगा जिलों के बीच सीधी रेल संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी।
32 साल पुराना सपना अब होगा पूरा
अलौली–कुशेश्वरस्थान रेल परियोजना का प्रस्ताव पहली बार 1996–97 में सामने आया था। उस समय इसकी अनुमानित लागत लगभग ₹78 करोड़ थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण, तकनीकी बदलाव और फंड की कमी के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। अब रेलवे द्वारा टेंडर जारी किए जाने के बाद उम्मीद की जा रही है कि तीन दशक पुराना यह सपना जल्द ही हकीकत में बदलेगा।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
इस नई रेल लाइन के बनने से न केवल यात्रियों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि कुशेश्वरस्थान जैसे धार्मिक स्थल तक पहुंचना भी सुगम हो जाएगा। इसके अलावा स्थानीय व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और विशेष रूप से मक्का लदान जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे पूरे मिथिला क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है।
खगड़िया व दरभंगा से होकर गुजरेगी
इस पूरी परियोजना की कुल लंबाई पहले 42.308 किलोमीटर थी जिसे बाद में संशोधित कर 40.953 किलोमीटर कर दी गयी। यह रेल लाइन खगड़िया और दरभंगा जिलों से होकर गुजरेगी। इसके लिए करीब रेलवे को 301 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है जिसके लिए भारतीय रेलवे ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चालू कर दी है।
इस परियोजना का एक बड़ा हिस्सा करेह, कोसी और कमला बलान नदियों के तटबंधों के आसपास से गुजरता है। बाढ़ और कटाव की संभावना को देखते हुए भारतीय रेलवे ने पुलों और तटबंधों के डिजाइन के लिए विशेष जल वैज्ञानिक अध्ययन कराया है। इस परियोजना के अंतर्गत अलौली के बाद चेराखेड़ा, शहरबन्नी, तिलकेश्वर, सुघराईन और कुशेश्वरस्थान में नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे।
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