Saturday, January 17

माघ पूर्णिमा 2026: 1 या 2 फरवरी? कब है माघ पूर्णिमा – जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व

माघ पूर्णिमा 2026 कब है – 1 या 2 फरवरी? जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त, स्नान-दान विधि, महत्व और व्रत नियम

Magh Purnima 2026 Date: माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक अत्यंत पावन और शुभ पर्व माना जाता है। इस दिन स्नान, दान, जप और व्रत का विशेष महत्व होता है। हर साल की तरह 2026 में भी श्रद्धालुओं के मन में यही सवाल है – माघ पूर्णिमा 2026 की सही तिथि क्या है?

यह 1 फरवरी को है या 2 फरवरी को? इस लेख में हम आपको माघ पूर्णिमा 2026 की सही तारीख, पूजा मुहूर्त, धार्मिक महत्व, शुभ योग, स्नान-दान की विधि और अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब विस्तार से बताएंगे।

माघ पूर्णिमा 2026 की तिथि (Magh Purnima 2026 Date)

हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को माघ पूर्णिमा मनाई जाती है। पंचांग की गणना के आधार पर:

  • पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ – 1 फरवरी, सुबह 5 बजकर 52 मिनट से
  • पूर्णिमा तिथि का समापन – 2 फरवरी, देर रात 3 बजकर 38 मिनट तक

उदयातिथि के अनुसार, माघ पूर्णिमा 2026 का पर्व 2 फरवरी 2026 (सोमवार) को मनाया जाएगा।

यानी जिन लोगों के मन में यह भ्रम है कि माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को है या 2 फरवरी को, उनके लिए स्पष्ट उत्तर है – माघ पूर्णिमा 2026 मुख्य रूप से 2 फरवरी को मनाई जाएगी।

माघ पूर्णिमा 2026 पूजा मुहूर्त (Magh Purnima 2026 Puja Muhurat)

माघ पूर्णिमा के दिन पूजा और स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त और प्रातः काल को सबसे शुभ माना जाता है।

शुभ समय:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:10 बजे से 06:00 बजे तक
  • प्रातः स्नान का समय: सूर्योदय से दोपहर 12 बजे तक
  • दान-पुण्य का शुभ समय: सुबह 07:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक

नोट: स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा बहुत अंतर हो सकता है। अपने शहर के पंचांग की पुष्टि अवश्य करें।

माघ पूर्णिमा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

माघ पूर्णिमा का उल्लेख कई पुराणों और धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा, यमुना, सरस्वती और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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माघ पूर्णिमा का महत्व:

  • इस दिन गंगा स्नान का विशेष फल मिलता है।
  • दान-पुण्य करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा से धन, सुख और समृद्धि बढ़ती है।
  • माघ महीने में कल्पवास करने वालों के लिए यह दिन विशेष पुण्यकारी माना जाता है।

माघ पूर्णिमा 2026 पर बनने वाले शुभ योग

2026 में माघ पूर्णिमा के दिन कुछ विशेष योग बन रहे हैं जो इस दिन के महत्व को और भी बढ़ा देते हैं:

  • सिद्धि योग – पूजा और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है।
  • शुभ योग – नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम समय।

इन योगों में किए गए जप, तप और दान को अत्यंत फलदायी माना जाता है।

माघ पूर्णिमा पर स्नान और दान का महत्व

माघ पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किया गया दान सौ गुना फल देता है।

क्या दान करें?

  • अन्न (चावल, गेहूं)
  • वस्त्र
  • तिल
  • घी
  • गुड़
  • कंबल

स्नान की विधि:

  1. सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें।
  2. पवित्र नदी या जल से स्नान करें।
  3. सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  4. भगवान विष्णु और लक्ष्मी माता की पूजा करें।

माघ पूर्णिमा 2026 व्रत विधि

माघ पूर्णिमा के दिन व्रत रखने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

व्रत की प्रक्रिया:

  • सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें।
  • दिन भर फलाहार या निर्जल व्रत रखें।
  • शाम को सत्यनारायण भगवान की कथा सुनें या पढ़ें।
  • पूर्णिमा के चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलें।

माघ पूर्णिमा से जुड़ी पौराणिक कथा

मान्यता है कि माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु स्वयं पृथ्वी पर गंगा तट पर निवास करते हैं। इस दिन गंगा स्नान करने से व्यक्ति को वैकुंठ की प्राप्ति होती है।

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डिस्क्लेमर: (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए किसी ज्योतिषी या संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. माघ पूर्णिमा 2026 किस दिन है?

उत्तर: माघ पूर्णिमा 2026 मुख्य रूप से 2 फरवरी 2026 (सोमवार) को मनाई जाएगी।

Q2. क्या माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को भी मानी जाएगी?

उत्तर: पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी की शाम से शुरू होती है, लेकिन उदयातिथि के अनुसार पर्व 2 फरवरी को मनाया जाएगा।

Q3. माघ पूर्णिमा पर क्या करना शुभ माना जाता है?

उत्तर: स्नान, दान, विष्णु पूजा, सत्यनारायण कथा और जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ माना जाता है।

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