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Benefits of Giloy in Hindi: गिलोय के फ़ायदे, सेवन विधि, नुकसान
Benefits of Giloy in Hindi: आयुर्वेद के अनुसार गिलोय सौ मर्ज की एक दवा हैं, बहुत बीमारियों का रामबाण इलाज है गिलोय, Giloy ke Fayde in Hindi, पहचान, सेवन विधि, जूस के फ़ायदे, नुकसान,उपयोग गिलोय के बारे में जानकारी What is Giloy Giloy kya hai आप सभी ने Giloy Ka Paudha (पौधा) और उसके औषधिये ... Read more
 

Benefits of Giloy in Hindi: आयुर्वेद के अनुसार गिलोय सौ मर्ज की एक दवा हैं, बहुत बीमारियों का रामबाण इलाज है गिलोय, Giloy ke Fayde in Hindi, पहचान, सेवन विधि, जूस के फ़ायदे, नुकसान,उपयोग

Benefits of Giloy in Hindi: गिलोय के फ़ायदे, सेवन विधि, नुकसान

गिलोय के बारे में जानकारी What is Giloy Giloy kya hai

आप सभी ने Giloy Ka Paudha (पौधा) और उसके औषधिये गुणों के बारे में सुना होगा| गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करके असंख्य रोगों को समाप्त करने की ताकत रखती है । गिलोय एक ही ऐसी बेल है जिसे आप सौ मर्ज की एक दवा कह सकते हैं। आयुर्वेद में गिलोय का बहुत बड़ा महत्व है इसलिए इसे संस्कृत में अमृता नाम दिया गया है। आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर गिलोय का भी जिक्र किया गया है जिनसे कई प्रकार की बीमारियों के ठीक होने की बात कही जाती है।

गिलोय का वनस्पतिक नाम (Latin Name) ( Botanical Name) टीनोस्पोरा कॉर्डीफोलिया (Tinospora Cordifolia) है। यह ज़्यादातर उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है जिनमे भारत, म्यांमार और श्री लंका शामिल है। इसके पत्ते पान के पत्ते जैसे दिखाई देते हैं और जिस पौधे पर यह चढ़ जाती है, उसे मरने नहीं देती। इसे पंजाबी में गल्लो, पाली में गलोची, बंगाली में गुलंचा, मराठी में गुडूची, नेपाल में गुर्जो के नाम से जाना जाता है। इसके बहुत सारे लाभ आयुर्वेद में बताए गए हैं, जो न केवल आपको सेहतमंद रखते हैं, बल्कि आपकी सुंदरता को भी निखारते हैं।

Giloy Other Names in Hindi

1. पंजाबी में गल्लो (Gllow)

2. पाली में गलोची (Galochi)

3. बंगाली में गुलंचा (Gulncha)

4. मराठी में गुडूची (Guduchi)

5. नेपाल में गुर्जो (Gurcho)

6. हिंदी में गिलोय, गुरुच, गुरचा (Geloy, Guruch,Gurcha, Giloy)

7. तेलगु में टिप्पा टीगा (Tippa-Teega)

8. गुजरती में गलाक (Galac)

9. संस्कृत में अमृत (Amrit)

10. English में टीनोस्पोरा कॉर्डीफोलिया (Tinospora Cordifolia)

Giloy Scientific Name

Giloy Scientific name is टीनोस्पोरा कॉर्डीफोलिया Tinospora Cordifolia.

गिलोय के फायदे (Benefits of Giloy)

1. गिलोय बढ़ाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता (Boost Immune Sysytem)

गिलोय एक ऐसी बेल है, जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा कर उसे बीमारियों से दूर रखती है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं। यह खून को साफ करती है, बैक्टीरिया से लड़ती है। लिवर और किडनी की अच्छी देखभाल भी गिलोय के बहुत सारे कामों में से एक है। ये दोनों ही अंग खून को साफ करने का काम करते हैं।

2. ठीक करती है बुखार

अगर किसी को बार-बार बुखार आता है तो उसे गिलोय का सेवन करना चाहिए। गिलोय हर तरह के बुखार से लडऩे में मदद करती है। इसलिए डेंगू के मरीजों को भी गिलोय के सेवन की सलाह दी जाती है। डेंगू के अलावा मलेरिया, स्वाइन फ्लू में आने वाले बुखार से भी गिलोय छुटकारा दिलाती है।

3. डायबिटीज के रोगियों के लिए

गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट है यानी यह खून में शर्करा की मात्रा को कम करती है। इसलिए इसके सेवन से खून में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है, जिसका फायदा टाइप टू डायबिटीज के मरीजों को होता है।

4. पाचन शक्ति में सहायक 

यह बेल पाचन तंत्र के सारे कामों को भली-भांति संचालित करती है और भोजन के पचने की प्रक्रिया में मदद कती है। इससे व्यक्ति कब्ज और पेट की दूसरी गड़बडिय़ों से बचा रहता है। कब्ज की बीमारी को रोकने के लिए इसका गुड और आवले के साथ अगर नियमित रूप से सेवन किया जाए तो यह पाचन के लिए सहायता करता है।

5. कम करती है स्ट्रेस (Reduce Stress Level)

प्रतिस्पर्धा के इस दौर में तनाव या स्ट्रेस एक बड़ी समस्या बन चुका है। गिलोय एडप्टोजन की तरह काम करती है और मानसिक तनाव और चिंता (एंजायटी) के स्तर को कम करती है। इसकी मदद से न केवल याददाश्त बेहतर होती है बल्कि मस्तिष्क की कार्यप्रणाली भी दुरूस्त रहती है और एकाग्रता बढ़ती है।

6. बढ़ाती है आंखों की रोशनी (Increase Eye Vision)

गिलोय को पलकों के ऊपर लगाने पर आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके लिए आपको गिलोय पाउडर को पानी में गर्म करना होगा। जब पानी अच्छी तरह से ठंडा हो जाए तो इसे पलकों के ऊपर लगाएं।

7. अस्थमा में भी फायदेमंद

मौसम के परिवर्तन पर खासकर सर्दियों में अस्थमा को मरीजों को काफी परेशानी होती है। ऐसे में अस्थमा के मरीजों को नियमित रूप से गिलोय की मोटी डंडी चबानी चाहिए या उसका जूस पीना चाहिए। इससे उन्हें काफी आराम मिलेगा।

8. गाठिया रोग में सहायक

गठिया यानी आर्थराइटिस में न केवल जोड़ों में दर्द होता है, बल्कि चलने-फिरने में भी परेशानी होती है। गिलोय में एंटी आर्थराइटिक गुण होते हैं, जिसकी वजह से यह जोड़ों के दर्द सहित इसके कई लक्षणों में फायदा पहुंचाती है।

9. एनीमिया बीमारी में सहायक

भारतीय महिलाएं अक्सर एनीमिया यानी खून की कमी से पीडि़त रहती हैं। इससे उन्हें हर वक्त थकान और कमजोरी महसूस होती है। गिलोय के सेवन से शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की संख्या बढ़ जाती है और एनीमिया से छुटकारा मिलता है।

10. बाहर निकलेगा कान का मैल

कान का जिद्दी मैल बाहर नहीं आ रहा है तो थोड़ी सी गिलोय को पानी में पीस कर उबाल लें। ठंडा करके छान के कुछ बूंदें कान में डालें। एक-दो दिन में सारा मैल अपने आप बाहर जाएगा।

11. कम होगी पेट की चर्बी

गिलोय शरीर के उपापचय (मेटाबॉलिजम) को ठीक करती है, सूजन कम करती है और पाचन शक्ति बढ़ाती है। ऐसा होने से पेट के आस-पास चर्बी जमा नहीं हो पाती और आपका वजन कम होता है।

12. यौनेच्छा बढ़ाती है गिलोय

आप बगैर किसी दवा के यौनेच्छा बढ़ाना चाहते हैं तो गिलोय का सेवन कर सकते हैं। गिलोय में यौनेच्छा बढ़ाने वाले गुण पाए जाते हैं, जिससे यौन संबंध बेहतर होते हैं।

13. खूबसूरती बढ़ाती है गिलोय

गिलोय न केवल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, बल्कि यह त्वचा और बालों पर भी चमत्कारी रूप से असर करती हैं।

14. जवां रखती है गिलोय

गिलोय में एंटी एजिंग गुण होते हैं, जिसकी मदद से चेहरे से काले धब्बे, मुंहासे, बारीक लकीरें और झुर्रियां दूर की जा सकती हैं। इसके सेवन से आप ऐसी निखरी और दमकती त्वचा पा सकते हैं, जिसकी कामना हर किसी को होती है। अगर आप इसे त्वचा पर लगाते हैं तो घाव बहुत जल्दी भरते हैं। त्वचा पर लगाने के लिए गिलोय की पत्तियों को पीस कर पेस्ट बनाएं। अब एक बरतन में थोड़ा सा नीम या अरंडी का तेल उबालें। गर्म तेल में पत्तियों का पेस्ट मिलाएं। ठंडा करके घाव पर लगाएं। इस पेस्ट को लगाने से त्वचा में कसावट भी आती है।

15. बालों की समस्या भी होगी दूर

अगर आप बालों में ड्रेंडफ, बाल झडऩे या सिर की त्वचा की अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं तो गिलोय के सेवन से आपकी ये समस्याएं भी दूर हो जाएंगी।

गिलोय सेवन करने की विधि (How to Use Giloy?)

अब आपने गिलोय के फायदे जान लिए हैं, तो यह भी जानिए कि गिलोय को इस्तेमाल कैसे करना है…

1. गिलोय जूस (Giloy Juice)

गिलोय की डंडियों को छील लें और इसमें पानी मिलाकर मिक्सी में अच्छी तरह पीस लें। छान कर सुबह-सुबह खाली पेट पीएं। अलग-अलग ब्रांड का गिलोय जूस भी बाजार में उपलब्ध है।

जूस बनाने की विधि –

गिलोय की लता लगभग 1 फीट तक ले, उसके उपर की परत को हटाकर उसके लता को अच्छे से पीस ले, फिर इसको पानी, लौंग के साथ अच्छे से खौला लें। जब पानी आधा रह जाए तो इसे छान कर आप इसका सेवन कर सकते है। यह जूस जोड़े के दर्द में आराम देता है।

Benefits of Giloy in Hindi: गिलोय के फ़ायदे, सेवन विधि, नुकसान

2. काढ़ा

चार इंच लंबी गिलोय की डंडी को छोटा-छोटा काट लें। इन्हें कूट कर एक कप पानी में उबाल लें। पानी आधा होने पर इसे छान कर पीएं। अधिक फायदे के लिए आप इसमें लौंग, अदरक, तुलसी भी डाल सकते हैं।

3. पाउडर

यूं तो गिलोय पाउडर बाजार में उपलब्ध है। आप इसे घर पर भी बना सकते हैं। इसके लिए गिलोय की डंडियों को धूप में अच्छी तरह से सुखा लें। सूख जाने पर मिक्सी में पीस कर पाउडर बनाकर रख लें।

4. गिलोय वटी (Giloy Vati)

बाजार में गिलोय की गोलियां यानी टेबलेट्स भी आती हैं। अगर आपके घर पर या आस-पास ताजा गिलोय उपलब्ध नहीं है तो आप इनका सेवन करें।

5. चाय के रूप में

गिलोय को अगर चाय के रूप में सेवन करे तो भी यह बहुत फायदेमंद है। इसकी चाय बनाना बहुत आसान भी है और यह ज्यादा कडवी भी नहीं लगती है।

चाय बनाने की विधि –

एक कप चाय बनाने के लिए गुडूची अर्थात गिलोय के ताजे पत्ते को साफ़ धोकर 5 से 6 पते एक कप पानी में उबलने के लिए दे दे। उसके बाद काली मिर्च, आधा चम्मच जीरा और पाम कैंडी के साथ ही आप अगर चाहे तो इसमें चीनी या शहद साथ मिला कर पी सकते है। यह चाय मानसिक तनाव को कम करती है, यह यादाश्त को भी बढाती है।

यह भी पढ़े

गिलोय से नुकसान (Side Effects of Giloy)

1. गर्भवती महिलाओं के लिए

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गिलोय के सेवन से बचना चाहिए।

2. बच्चों के लिए

पांच साल से छोटे बच्चों को गिलोय न दे।

3. मधुमेह रोगियों के लिए

गिलोय खून में शर्करा की मात्रा कम करती है। इसलिए इस बात पर नजर रखें कि ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा कम न हो जाए। इसलिए जो व्यक्ति मधुमेह अर्थात शुगर की बीमारी से ग्रसित है, उन्हें इसका कम इस्तेमाल करना चाहिए और ज्यादा लम्बे समय तक इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। 

अभी वर्षाऋतु का काल है अपने घर में बड़े गमले या आंगन में जंहा भी उचित स्थान हो गिलोय की बेल अवश्य लगायें यह बहु उपयोगी वनस्पति ही नही बल्कि आयुर्वेद का अमृत है।

Disclaimer: अतः गिलोय हर बीमारी एवं हर तरीके से आपके लिए फायदेमंद है। लेकिन जब भी आप गिलोय या इससे बने उत्पाद, दवा या कैप्सूल जिसका भी आप सेवन कर रहे हैं, तो डॉ. की देख रेख में ही करें।

FAQ’s

Ques.1 गिलोय का वनस्पतिक नाम Latin Name ( Botanical Name) क्या है?

Ans.1 गिलोय का वनस्पतिक नाम Latin Name ( Botanical Name) टीनोस्पोरा कॉर्डीफोलिया (Tinospora Cordifolia) है। 

Ques.2 गिलोय को रामवाण दबा क्यों कहते है?

Ans.2 गिलोय में रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत अधिक होती है, इससे कई बड़ी सारी बीमारी जैसे बुखार, पीलिया, कैंसर, डायरिया आदि ठीक हो सकती है, इसलिए इसे रामवाण दबा कहते है। आयुर्वेद में गिलोय का बहुत बड़ा महत्व है इसलिए इसे संस्कृत में अमृता नाम दिया गया है।

Ques.3 गिलोय के क्या नुकसान है, साइड इफ्फेक्ट क्या हैं ?

Ans.3 जो व्यक्ति मधुमेह अर्थात शुगर की बीमारी से ग्रसित है, उन्हें इसका कम इस्तेमाल करना चाहिए और ज्यादा लम्बे समय तक इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। क्योकि गिलोय खून में शर्करा की मात्रा कम करती है।

Ques.4 बच्चों कोगिलोय खाना चाहिए या नहीं?

Ans.4 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए।