Google Doodle Celebrates Labour Day 2022 With a Beautiful Doodle

Google on Sunday dedicated a doodle to celebrate Labour Day, also known as Worker’s Day or May Day.

Google Doodle Today 2022: Labour Day Celebrated annually on May 1, the day that recognises the achievements of workers has origins in the labour union movement.

Google Doodle Labour Day 2022 

Labour Day observed as national holiday in many countries, Labour Day was first celebrated in India in 1923 in Chennai. After that in India 🇮🇳 Labour Day is celebrating on 1 May and in United State of America 🇺🇸 Labour Day is celebrated on the first Monday of September month. This year America celebrates Labour Day on 5 September 2022.

Labour Day 2022, May Day 2022: जानें मजदूर दिवस 1 मई को क्यों मनाया जाता है, पढ़ें श्रमिक दिवस की कुछ खास बातें

Labour Day 2022: एक मई का दिन दुनिया के कई देशों में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (International Labour Day or May Day ) के तौर पर मनाया जाता है। ये दिन दुनिया के मजदूरों और श्रमिक वर्ग को समर्पित है। इन दिन को लेबर डे, मई दिवस, और मजदूरदिवस भी कहा जाता है। आज मजदूरों की उपलब्धियों को और देश के विकास में उनके योगदान को सलाम करने का दिन है। ये दिनमजदूरों के सम्मान, उनकी एकता और उनके हक के समर्थन में मनाया जाता है। इस दिन दुनिया के कई देशों में छुट्टी होती है। इस मौकेपर मजदूर संगठनों से जुड़े लोग रैली सभाओं का आयोजन करते हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज भी बुलंद करते हैं हालांकिकोरोना के चलते इस बार इस तरह के आयोजन नहीं हो सकेंगे। 

1. कैसे और क्यों हुई शुरुआत

अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत एक मई 1886 को अमेरिका में एक आंदोलन से हुई थी। इस आंदोलन के दौरान अमेरिका मेंमजदूर काम करने के लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किए जाने को लेकर आंदोलन पर चले गए थे। 1 मई, 1886 के दिन मजदूर लोगरोजाना 15-15 घंटे काम कराए जाने और शोषण के खिलाफ पूरे अमेरिका में सड़कों पर उतर आए थे। इस दौरान कुछ मजदूरों परपुलिस ने गोली चला दी थी जिसमें कई मजदूरों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इसके बाद 1889 में अंतर्राष्ट्रीयसमाजवादी सम्मेलन की दूसरी बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें यह ऐलान किया गया कि 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूरदिवस के रूप में मनाया जाएगा और इस दिन सभी कामगारों और श्रमिकों का अवकाश रहेगा। इसी के साथ भारत सहित दुनिया केतमाम देशों में काम के लिए 8 घंटे निर्धारित करने की नींव पड़ी।

2. भारत में मजदूर दिवस की शुरुआत

भारत में मजदूर दिवस की शुरुआत चेन्नई में 1 मई 1923 में हुई। भारत में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिन्दुस्तान ने 1 मई 1923 को मद्रासमें इसकी शुरुआत की थी। यही वह मौका था जब पहली बार लाल रंग झंडा मजदूर दिवस के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया गयाथा। यह भारत में मजदूर आंदोलन की एक शुरुआत थी जिसका नेतृत्व वामपंथी सोशलिस्ट पार्टियां कर रही थीं। दुनियाभर में मजदूरसंगठित होकर अपने साथ हो रहे अत्याचारों शोषण के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।

3. आज ही के दिन दुनिया के मजदूरों के अनिश्चित काम के घंटों को 8 घंटे में तब्दील किया गया था। मजदूर वर्ग इस दिन पर बड़ीबड़ीरैलियों कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक संगठन (ILO) द्वारा इस दिन सम्मेलन का आयोजन किया जाता है। कईदेशों में मजदूरों के लिए कल्याणकारी योजनाओं की घोषणाएं की जाती है। टीवी, अखबार, और रेडियो जैसे प्रसार माध्यमों द्वारा मजदूरजागृति के लिए कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं।

4. भारत में लेबर डे को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस, मई दिवस, कामगार दिन, इंटरनेशनल वर्कर डे, वर्कर डे भी कहा जाता है।

5. 1 मई को ही महाराष्‍ट्र और गुजरात का स्‍थापना दिवस भी मनाया जाता है। भारत की आजादी के समय यह दोनों राज्‍य बॉम्‍बे प्रदेशका हिस्‍सा थे। महाराष्‍ट्र में इस दिन को महाराष्‍ट्र दिवस, जबकि गुजरात में इसे गुजरात दिवस के नाम से भी जाना जाता है।

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