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Jagannath Puri Rath Yatra 2021: Date, Time, Rath Yatra Kab Hai?, Rath Yatra Story, History
Jagannath Puri Rath Yatra 2021: कब से शुरू हो रही है जगन्नाथ रथ यात्रा? कोरोना के कारण शामिल नहीं हो सकेंगें श्रद्धालु, जानें डेट और महत्व Jagannath Puri Rath Yatra 2021: हिंदू धर्म में जगन्नाथ पूरी रथ यात्रा का खास महत्त्व है. हिंदू पंचांग के अनुसार, जगन्नाथ रथयात्रा का आयोजन अषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की ... Read more
 

Jagannath Puri Rath Yatra 2021: कब से शुरू हो रही है जगन्नाथ रथ यात्रा? कोरोना के कारण शामिल नहीं हो सकेंगें श्रद्धालु, जानें डेट और महत्व

Jagannath Puri Rath Yatra 2021: हिंदू धर्म में जगन्नाथ पूरी रथ यात्रा का खास महत्त्व है. हिंदू पंचांग के अनुसार, जगन्नाथ रथयात्रा का आयोजन अषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से शुरू की जाती है और यह रथयात्रा 10 दिनों तक चलती है. इस रथयात्रा का आयोजन उड़ीसा के जगन्नाथ मंदिर से होता है. इसमें बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. परंतु इस साल भी कोरोनामहामारी के चलते इस रथ यात्रा में भक्त शामिल नहीं हो सकेगें.

रथ यात्रा का आयोजन

भगवान विष्णु के अवतार भगवान जगन्नाथ उनके भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन कियाजाता है. इस रथ यात्रा में सबसे आगे बलभद्र का रथ उसके बाद देवी सुभद्रा का रथ और सबसे अंत में भगवान जगन्नाथ का रथ चलता है. बलभद्र के रथ को तालध्वज कहा जाता है जबकि देवी सुभद्रा के रथ को दर्पदलन या पद्म रथ कहते हैं. सबसे अंत में चलने वाले भगवानजगन्नाथ के रथ को नंदी घोष कहते हैं.

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जगन्नाथ पूरी रथ यात्रा की डेट (Jagannath Puri Rath Yatra 2021 Date)

इस साल 2021 में पंचांग के मुताबिक जगन्नाथ पूरी रथ यात्रा 12 जुलाई से शुरू होगी तथा 20 जुलाई को खत्म होगी. संयोग वश 20 जुलाई को देवशयनी एकादशी भी है. इस यात्रा के पहले दिन भगवान जगन्नाथ प्रसिद्ध गुंडिचा माता के मंदिर में जाते हैं.

जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा शुरू होने का समय

  • द्वितीया तिथि का आरंभ– 11 जुलाई को 07.49 से
  • द्वितीया तिथि का समापन-12 जुलाई को 08.21 तक
  • अभिजीत मुहूर्त – 12:05 PM – 12:59
  •  PM अमृत काल – 01:35 AM – 03:14 AM
  • ब्रह्म मुहूर्त – 04:16 AM – 05:04 AM

जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा का महत्त्व (Importance of Jagannath Puri Rath Yatra)

यह हिंदुओं के चार धामों में से एक है. इस मंदिर की स्थापना करीब 800 साल पहले हुई थी. इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ उनके भाईबलभद्र और बहन देवी सुभद्रा मूर्तियाँ हैं. इनके दर्शन से भक्त की मनोकामनाएं पूरी होती है. धार्मिक मान्यता है कि इस रथ यात्रा के दर्शनमात्र से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है.

4 धामों में से एक है जगन्नाथ मंदिर

जगन्नाथ मंदिर भारत के पवित्र 4 धामों में से एक है। यह मंदिर 800 वर्ष से भी अधिक प्राचीन है। इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ उनकेभाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के दर्शन मात्र से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।