Who is Draupadi Murmu: कौन हैं एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू, जानिए कुछ खास बातें…

Draupadi Murmu Bio Wiki: द्रौपदी मुर्मू पार्षद, विधायक, राज्यपाल और अब राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार। द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम बिरंची नारायण टुडू है। वह एक आदिवासी जातीय समूह संथाल परिवार से ताल्लुक रखती हैं।

Draupadi Murmu NDA President Candidate : आने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पार्टी ने झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को अपना उम्मीदवार बनाया है। वह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए चुनाव लड़ने वाली पहली आदिवासी नेत्री बन चुकी हैं। मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में हुई भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया। राष्ट्रपति पद के लिए द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) के नाम की घोषणा करते हुए भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा ने कहा कि पहली बार किसी महिला आदिवासी प्रत्याशी को वरीयता दी गई है। उन्होंने कहा, “हम आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए द्रौपदी मुर्मू को एनडीए के उम्मीदवार के रूप में घोषित करते हैं।” निर्वाचित होने पर, 64 वर्षीय द्रौपदी मुर्मू भारत की राष्ट्रपति बनने वाली पहली आदिवासी महिला होंगी।

कौन हैं एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू

Who is Draupadi Murmu: द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम बिरंची नारायण टुडू है। वह एक आदिवासी जातीय समूह संथाल परिवार से ताल्लुक रखती हैं। ओडिशा के आदिवासी परिवार में जन्मीं द्रौपदी मुर्मू झारखंड की नौवीं राज्यपाल बनी थीं। राजनीतिज्ञ होने के अलावा वह अनुसूचित जनजाति समुदाय से आती हैं। राज्यपाल बनने से पहले वह भारतीय जनता पार्टी की सदस्य रही हैं। यही नहीं द्रौपदी मुर्मू साल 2000 में गठन के बाद से पांच साल का कार्यकाल (2015-2021) पूरा करने वाली झारखंड की पहली राज्यपाल हैं।

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  • Born: 20 June 1958 (age 64 years), Odisha
  • Spouse: Shyam Charan Murmu
  • Parents: Biranchi Narayan Tudu
  • Party: Bharatiya Janata Party
  • Education: Ramadevi Women’s University
  • Previous offices: Governor of Jharkhand (2015–2021), Member of the Odisha Legislative Assembly (2000–2009)
  • Children: Itishri Murmu

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उड़ीसा में भारतीय जनता पार्टी और बीजू जनता दल गठबंधन सरकार के दौरान, वह 6 मार्च, 2000 से 6 अगस्त, 2002 तक वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहीं। इसके अलावा 6 अगस्त, 2002 से 16 मई 2004 तक मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन विकास राज्य मंत्री थीं।

द्रोपदी मुर्मू के बारे में खास बातें…

द्रौपदी मुर्मू का जन्‍म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरगंज जिले के बैदपोसी गांव में हुआ। उनके पिता का नाम बिरांची नारायण टुडु है। वे आदिवासी जातीय समूह, संथाल से संबंध रखती हैं।

द्रौपदी सिंचाई और बिजली विभाग में 1979 से 1983 तक जूनियर असिस्‍टेंट के तौर पर काम कर चुकी हैं। वर्ष 1994 से 1997 तक उन्‍होंरे रायरंगपुर के श्री अरबिंदो इंटीगरल एजुकेशन सेंटर में ऑनरेरी असिस्‍टेंट टीचर के तौर पर भी सेवाएं दीं।

वर्ष 2000 और 2004 में द्रौपदी मुर्म बीजेपी के टिकट पर रायरंगपुर (Rairangpur) सीट से विधायक चुनी गई थीं। वे बीजेपी एसटी मोर्चा की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी सदस्‍य भी रह चुकी हैं।

वर्ष 2007 में द्रौपदी को ओडिशा विधानसभा के बेस्‍ट एमएलए ऑफ द ईयर पुरस्‍कार से नवाजा गया था।

ओडिशा में बीजेडी और बीजेपी गठबंधन सरकार में द्रौपदी मंत्री रह चुकी हैं। उन्‍होंने मार्च 2000 से कई 2004 तक राज्‍य के वाणिज्‍य व परिवहन था मत्‍स्‍य और पशु संसाधन विकास विभाग के मंत्री का पद संभाला।

द्रौपदी मुर्म झारखंड की ऐसी पहली राज्‍यपाल थीं जिन्‍होंने वर्ष 2000 में इस राज्‍य के गठन के बाद पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। उन्‍होंने वर्ष 2015 से 2021 तक झारखंड के राज्‍यपाल का पद संभाला।

द्रौपदी मुर्म यदि राष्‍ट्रपति पद का चुनाव जीतती है (एनडीए के संख्‍या बल को देखते हुए जिसकी पूरी संभावना है) तो वे देश की पहली आदिवासी राष्‍ट्रपति होंगी।

ओडिशा से राजनीतिक जीवन की शुरुआत

मुर्मू ने एक शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी और फिर ओडिशा की राजनीति में प्रवेश किया। वह मयूरभंज (2000 और 2009) के रायरंगपुर से भाजपा के टिकट पर दो बार विधायक रहीं। उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में पार्टी के भीतर कई प्रमुख पदों पर कार्य किया है। मुर्मू 2013 से 2015 तक भगवा पार्टी की एसटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भी थीं। उन्होंने 1997 में एक पार्षद के रूप में चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। उसी वर्ष, उन्हें भाजपा के एसटी मोर्चा का राज्य उपाध्यक्ष चुना गया।

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