Shadow

Author: Editor

Yagyopavit Mantra: यज्ञोपवीत मंत्र – जनेउ मंत्र- वाजसनेयि यज्ञोपवीत मंत्र

Yagyopavit Mantra: यज्ञोपवीत मंत्र – जनेउ मंत्र- वाजसनेयि यज्ञोपवीत मंत्र

धर्म और आस्था
Yagyopavit Mantra: यज्ञोपवीत शब्द (संस्कृत संधि विषाद = यज्ञ + उपवीत) के दू अर्थ होइत अछि - उपनयन संस्कार जाहि मे पवित्र सूत पहिरल जाइत अछि आ विद्यारम्भ प्रारम्भ होइत अछि | मुंडन आ पवित्र जल में स्नान सेहो एहि संस्कार के हिस्सा अछि | सूत सँ बनल पवित्र धागा जे बामा कान्ह पर आ दहिना बाँहिक नीचा यज्ञोपवीत (Yagyopavit Mantra) पहिरने व्यक्ति पहिरैत छथि | Janeu Mantra: सनातन परंपरा के 16 संस्कार में ‘उपनयन’ संस्कार बहुत महत्वपूर्ण अछि | इ संस्कार आमतौर पर 10 साल सं कम उम्र कें बच्चाक कें लेल कैल जायत छै। एकर अन्तर्गत हुनका सूत सँ बनल तीन पवित्र सूत सँ यग्योपवीत पहिराओल जाइत छनि | जे व्यक्ति यज्ञोपवीत पहिरैत अछि वा जनेऊ कहैत अछि ओकरा बहुत रास नियमक पालन करय पड़ैत छैक | जेना कि गलती स पवित्र सूत अशुद्ध भ गेल त तुरंत ओकरा निकालय पड़त आ एकटा आओर नव पवित्र सूत पहिरय पड़त। यज्ञ समारोह भ गेलाक ब...
Durva Akshat Mantra: मिथिला मे दुर्वाक्षत मंत्र के महत्व आ अर्थ जानू

Durva Akshat Mantra: मिथिला मे दुर्वाक्षत मंत्र के महत्व आ अर्थ जानू

धर्म और आस्था
Durwakshat Mantra: मिथिला मे दुर्वाक्षत मंत्रक बहुत महत्व अछि। विवाह-उपनयन आदि शुभ काज मे त' बेर-बेर दूभि-अक्षत सं आशीष देबाक विधान अछि. जिनका दूर्वाक्षत मंत्र (Durvachat Mantra) अबैत छनि, इयाद छनि, एहन लोक समाज मे कम भेल जा रहल छथि। तखन आब इन्टरनेट पर उपलब्ध रहने जरूरति पर देखि क' पढ़ल जा सकैत अछि। दूर्वाक्षत मंत्र (Durvakshat Mantra) "ॐ आब्रह्मन ब्राह्मणों ब्रह्मवर्चसी जायतामाराष्ट्रे राजन्यः शूर इषव्यौsतिव्याधि महारथी जायताम दोघ्री धेनुर्वोढाsनड्वानाशुः सप्ति पुरन्ध्रिर्योषा जिष्णू रथेष्ठाः सभेयो युवाsस्ययजमानस्य वीरोजायाताम निकामे निकामे नः पर्जन्यो वर्षतु फलवत्यो न औषधयः पच्यन्ताम योगक्षेमोनः कल्पताम् मंत्रार्था: सिद्धयः सन्तु पूर्णाः सन्तु मनोरथाः। शत्रुणां बुद्धिनाशोsस्तु मित्राणामुदस्तव।" दूर्वाक्षत मंत्र (Durvakshat Mantra) अर्थ हे भगवान! अपन देश मे ज्ञानक प्रकाश सं युक...
मिथिला की कला-संस्कृति को नया आयाम देने के लिए तैयार है ‘मिथिला हाट’, मुख्यमंत्री आज करेंगे लोकार्पण

मिथिला की कला-संस्कृति को नया आयाम देने के लिए तैयार है ‘मिथिला हाट’, मुख्यमंत्री आज करेंगे लोकार्पण

संस्कृति
मिथिला को शानदार सौगात: बिहार सरकार के जल संसाधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्री संजय कुमार झा ने किया लोकार्पण की तैयारियों का निरीक्षण संजय कुमार झा ने कहा, 'मिथिला हाट' (Mithila Haat Madhubani) के निर्माण से आसपास के क्षेत्र का तेजी से विकास होगा और रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे रंजन राजन- मधुबनी, 10 जनवरी, 2023: मिथिला को कल (बुधवार को) एक शानदार सौगात मिलने वाली है। मिथिला की कला-संस्कृति से देश-विदेश के लोगों को रूबरू कराने और बिक्री के लिए आधुनिक बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा 'दिल्ली हाट' की तर्ज पर मधुबनी जिले में झंझारपुर प्रखंड के अररिया संग्राम में एनएच 57 के किनारे नवनिर्मित 'मिथिला हाट' का मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार बुधवार को 'समाधान यात्रा' के दौरान लोकार्पण करेंगे। जल संसाधन सह सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्री संजय कुमार झा ने मंगलवार को अधिकारिय...
मिथिला पेंटिंग, मधुबनी कला भारतीय चित्रकला की एक अद्भुत शैली, जाने खास बातें

मिथिला पेंटिंग, मधुबनी कला भारतीय चित्रकला की एक अद्भुत शैली, जाने खास बातें

संस्कृति
Mithila Painting in Maithili: भारतक स्वाभिमान बिहारक गौरव मिथिला पेंटिंग, जे समस्त दुनिया मे मधुबनी पेंटिंग के नाम सँ जानल जाइत अछि, बिहारक एकटा प्रमुख चित्रकला शैली अछि, जाहि मे ग्रामीण परिवेश मे प्रकृति, धर्म आ सामाजिक संस्कारक चित्र उकेरल जाइत अछि। मिथिला पेंटिंग: मधुबनी पेंटिंग मिथिला की एक फोक पेंटिंग है, जो मिथिला के नेपाल और बिहार के क्षेत्र में बनाई जाती है। मिथिला पेंटिंग (Mithila Painting) में मिथिलांचल की संस्कृति कला को दर्शाया जाता है। मिथिला पेंटिंग को मधुबनी पेंटिंग और मधुबनी आर्ट (Madhubani Art) भी कहा जाता है। आज के इस लेख में हम मधुबनी पेंटिंग क्या है, इसका इतिहास क्या है, कैसे यह विश्व में प्रसिद्ध हुई, इसकी क्या खासियत है आदि के बारे में अध्ययन करेंगे। Mithila Painting in Hindi मधुबनी कला (या मिथिला पेंटिंग) भारतीय चित्रकला की एक शैली है, जो भारत के उत्तर बिहार...
मैथिली ग़ज़ल: कलमक हथियार सन हथियार की हेतै। धड़गड़ जिह्वा  सनक तलवार  की  हेतै।।

मैथिली ग़ज़ल: कलमक हथियार सन हथियार की हेतै। धड़गड़ जिह्वा  सनक तलवार  की  हेतै।।

संस्कृति
मैथिली ग़ज़ल (Maithili Ghazal) : गजल मूलतः अरबी शब्द छैक तँए ई बुझबामे कोनो भाँगठ नहि जे गजल नामक काव्य सर्वप्रथम अरबी भाषा सँ आएल छैक। गजल मने प्रेमिकाक आँचर सेहो होइत छैक ,गजल मने हिरणीक दर्द भरल आवाज सेहो होइत छैक, गजल मने प्रेमी-प्रेमीकाक (Maithili Prem Ghazal) गप्प सेहो होइत छैक धरि आब गजल एतय तक सिमित नहिं छैक कहबाक तात्पर्य जे जतेक विषय ततेक आ तेहन गजल। आब गजलमे भूख,गरीबी,दर्द, राजनीति,दहेज, आनो आनो बात सभ गजलकार आनि रहल छथि। आइ एकटा ओहन युवा गजलकारकेँ अभिलाष ठाकुर (Abhilash Thakur) गजल पढ़ब जे मैथिली गजलमे मैथिली गजल (Maithili Ghazal) कम समयमे बहुत पैघ नाम बना चुकल छथि तकर कारण रचनामे कथ्य,शिल्प भाव एकदम लाजवाब रहैत छन्हिं। मैथिली ग़ज़ल लेखक: अभिलाष ठाकुर 1. मैथिली ग़ज़ल कलमक हथियार सन हथियार की हेतै।धड़गड़ जिह्वा  सनक तलवार  की  हेतै।। चाहे &...