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मैथिली भगवती गीत: जगदम्ब अहीं अबिलम्ब हमर हे माय आहाँ बिनु आश ककर…

मैथिली भगवती गीत: जगदम्ब अहीं अबिलम्ब हमर हे माय आहाँ बिनु आश ककर…

धर्म और आस्था
Jagdamab Ahi Avlamb Humar: जगदम्ब अहीं अबिलम्ब हमर हे माय आहाँ बिनु आश ककर, जँ माय आहाँ दुख नहिं सुनबई, त जाय कहु ककरा कहबै! इसे मैथिलि गीत को प्रदीप जी द्वारा लिखा गया है। जगदम्ब अहीं अबिलम्ब हमर (Jagdamb Ahin Awlamb Hamar Lyrics) जगदम्ब अहीं अबिलम्ब हमरहे माय आहाँ बिनु आश ककर जँ माय आहाँ दुख नहिं सुनबईत जाय कहु ककरा कहबै करु माफ जननी अपराध हमरहे माय आहाँ बिनु आश ककर हम भरि जग सँ ठुकरायल छीमाँ अहींक शरण में आयल छी देखु हम परलऊँ बीच भमरहे माय आहाँ बिनु आश ककर काली लक्षमी कल्याणी छीतारा अम्बे ब्रह्माणी छी अछि पुत्र-कपुत्र बनल दुभरहे माय आहाँ बिनु आश ककरजगदम्ब….. जगदम्ब अहीं अअवलम्ब हमर PDF जगदम्ब-अहीं-अअवलम्ब-हमर-pdfDownload जगदम्ब अहि अब्लम्ब हमर Video https://www.youtube.com/watch?v=KyuYyP7oYfY...
महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित: Mahishasura Mardini Stotram Lyrics in Hindi with Meaning

महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित: Mahishasura Mardini Stotram Lyrics in Hindi with Meaning

धर्म और आस्था
Mahishasura Mardini Stotram Lyrics in Hindi: “अयिगिरि नन्दिनि” गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा लिखित (Mahishasura Mardini Stotram Written by Guru Adi Shankaracharya) देवी दुर्गा देवी का एक बहुत लोकप्रिय भक्ति स्तोत्र है। इसे महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम या महिषासुर मरिधिनी श्लोक कहा जाता है। यह भक्ति गीत देवी महिषासुर मर्दिनी को संबोधित है, जो देवी महिषासुर का वध करने वाली देवी थी। महिषासुर मर्दिनी देवी दुर्गा का उग्र रूप है, जहां उन्हें 10 भुजाओं के साथ, शेर या बाघ की सवारी करते हुए, हथियार लेकर और प्रतीकात्मक हाथ के इशारों या मुद्रा को धारण करते हुए चित्रित किया गया है। आज के इस लेख में हम “अयिगिरि नन्दिनि” गीत का हिंदी अर्थ जानेगे। अयिगिरि नन्दिनि महिषासुर मर्दिनि अर्थ हिन्दी में: Aigiri Nandini Lyrics in Hindi अयि गिरि नन्दिनी नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते।गिरिवर विन्ध्यशिरोधि...
Mahamrityunjaya Mantra Hindi: शिव महामृत्युंजय मंत्र, जानें जाप विधि, अर्थ एवं इससे होने वाले लाभ

Mahamrityunjaya Mantra Hindi: शिव महामृत्युंजय मंत्र, जानें जाप विधि, अर्थ एवं इससे होने वाले लाभ

धर्म और आस्था
ॐ नमः शिवाय ! ॐ नमः शिवाय ! ॐ त्र्यम्बकं यजामहे ! सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ! उर्वारुकमिव बन्धनान् ! मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ! ॐ नमः शिवाय ! Mahamrityunjaya Mantra: महामृत्युञ्जय मन्त्र या महामृत्युंजय मन्त्र ("मृत्यु को जीतने वाला महान मंत्र") जिसे त्रयम्बकम मन्त्र भी कहा जाता है, यजुर्वेद के रूद्र अध्याय में, भगवान शिव की स्तुति हेतु की गयी एक वन्दना है। इसके महत्व के बारे में कहा जाता है कि ये मृत्यु को जीतने वाला मंत्र है। पुराणों में इस मंत्र की इतनी महिमा बताई गई है कि अगर कोई सावन माह में इस मंत्र का जाप कर ले तो उसके कई सारे अधूरे कार्य भी पूरे हो जाते हैं। इस मन्त्र की रचना मार्कंडेय ऋषि ने की। Mahamrityunjaya Mantra Hindi Lyrics ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ मार्कंडेय ऋषि महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ हे ...
Shri Durga Chalisa Hindi: श्री दुर्गा चालीसा Lyrics PDF

Shri Durga Chalisa Hindi: श्री दुर्गा चालीसा Lyrics PDF

धर्म और आस्था
Shri Durga Chalisa Hindi: नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। हिंदू धर्म के अनुसार मां दुर्गा को शक्ति का प्रतीक माना जाता है। हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों चैत्र नवरात्रि में माँ दुर्गा की पूजा की जाती है। माता दुर्गा का प्रतिदिन नियम पूर्वक चालीसा पढ़ने से आसपास की जितनी भी नकारात्मक शक्तियां हैं, उनका नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है। मां दुर्गा की स्तुति किसी भी शुभ अवसर पर करना शुभ होता है। मां दुर्गा चालीसा का पाठ करने से धन, ज्ञान और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। यदि आप रास्ते में अकेले जा रहे हो और आपको किसी चीज का भय हो, तो माता दुर्गा का चालीसा पढ़ लें। ऐसा करने से आपका सभी भय दूर हो जाएंगी। आज हम आपके लिए मां दुर्गा का चालीसा के साथ उनके पूजा के महत्व को भी बताने वाले हैं। तो आइए जानें माता दुर्गा की चालीसा के साथ उनका मह...
Shri Shiv Chalisa Hindi: श्री शिव चालीसा Lyrics PDF

Shri Shiv Chalisa Hindi: श्री शिव चालीसा Lyrics PDF

धर्म और आस्था
Shri Shiv Chalisa Hindi: भोलेनाथ, महादेव की मह‍िमा का बखान श‍िव चालीसा के पाठ में बखूबी से क‍िया गया है। ऐसा माना गया है क‍ि श‍िव चालीसा के जाप से भय और कष्‍टों से मुक्‍त‍ि मिलती है। Har Har Mahadev: देवों के देव महादेव की पूजा शिवलिंग तथा मूर्ति दोनों रूपों में की जाती है। भोलेनाथ को शांति, विनाश, समय, योग, ध्यान, नृत्य, प्रलय और वैराग्य का देवता कहा गया है। शिव जी की पूजा के ल‍िए श‍िवरात्र‍ि को खास माना गया है जो हर मास की कृष्‍णपक्ष की चतुदर्शी को आती है। महादेव की पूजा में शिव चालीसा के जाप का बहुत अधिक महत्‍व है। Shri Shiv Chalisa Hindi अगर आप श‍िवरात्रि या सोमवार को भोलेनाथ की पूजा करते हैं तो श‍िव चालीसा का पाठ जरूर करें। आज हम आपके लिए श‍िव चालीसा का संपूर्ण पाठ हिंदी PDF में लेकर आइए है। "श‍िव चालीसा दोहा" जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान ।कहत अयोध्यादास तुम...
Yagyopavit Mantra: यज्ञोपवीत मंत्र – जनेउ मंत्र- वाजसनेयि यज्ञोपवीत मंत्र

Yagyopavit Mantra: यज्ञोपवीत मंत्र – जनेउ मंत्र- वाजसनेयि यज्ञोपवीत मंत्र

धर्म और आस्था
Yagyopavit Mantra: यज्ञोपवीत शब्द (संस्कृत संधि विषाद = यज्ञ + उपवीत) के दू अर्थ होइत अछि - उपनयन संस्कार जाहि मे पवित्र सूत पहिरल जाइत अछि आ विद्यारम्भ प्रारम्भ होइत अछि | मुंडन आ पवित्र जल में स्नान सेहो एहि संस्कार के हिस्सा अछि | सूत सँ बनल पवित्र धागा जे बामा कान्ह पर आ दहिना बाँहिक नीचा यज्ञोपवीत (Yagyopavit Mantra) पहिरने व्यक्ति पहिरैत छथि | Janeu Mantra: सनातन परंपरा के 16 संस्कार में ‘उपनयन’ संस्कार बहुत महत्वपूर्ण अछि | इ संस्कार आमतौर पर 10 साल सं कम उम्र कें बच्चाक कें लेल कैल जायत छै। एकर अन्तर्गत हुनका सूत सँ बनल तीन पवित्र सूत सँ यग्योपवीत पहिराओल जाइत छनि | जे व्यक्ति यज्ञोपवीत पहिरैत अछि वा जनेऊ कहैत अछि ओकरा बहुत रास नियमक पालन करय पड़ैत छैक | जेना कि गलती स पवित्र सूत अशुद्ध भ गेल त तुरंत ओकरा निकालय पड़त आ एकटा आओर नव पवित्र सूत पहिरय पड़त। यज्ञ समारोह भ गेलाक ब...
Durva Akshat Mantra: मिथिला मे दुर्वाक्षत मंत्र के महत्व आ अर्थ जानू

Durva Akshat Mantra: मिथिला मे दुर्वाक्षत मंत्र के महत्व आ अर्थ जानू

धर्म और आस्था
Durwakshat Mantra: मिथिला मे दुर्वाक्षत मंत्रक बहुत महत्व अछि। विवाह-उपनयन आदि शुभ काज मे त' बेर-बेर दूभि-अक्षत सं आशीष देबाक विधान अछि. जिनका दूर्वाक्षत मंत्र (Durvachat Mantra) अबैत छनि, इयाद छनि, एहन लोक समाज मे कम भेल जा रहल छथि। तखन आब इन्टरनेट पर उपलब्ध रहने जरूरति पर देखि क' पढ़ल जा सकैत अछि। दूर्वाक्षत मंत्र (Durvakshat Mantra) "ॐ आब्रह्मन ब्राह्मणों ब्रह्मवर्चसी जायतामाराष्ट्रे राजन्यः शूर इषव्यौsतिव्याधि महारथी जायताम दोघ्री धेनुर्वोढाsनड्वानाशुः सप्ति पुरन्ध्रिर्योषा जिष्णू रथेष्ठाः सभेयो युवाsस्ययजमानस्य वीरोजायाताम निकामे निकामे नः पर्जन्यो वर्षतु फलवत्यो न औषधयः पच्यन्ताम योगक्षेमोनः कल्पताम् मंत्रार्था: सिद्धयः सन्तु पूर्णाः सन्तु मनोरथाः। शत्रुणां बुद्धिनाशोsस्तु मित्राणामुदस्तव।" दूर्वाक्षत मंत्र (Durvakshat Mantra) अर्थ हे भगवान! अपन देश मे ज्ञानक प्रकाश सं युक...
मिथिला की कला-संस्कृति को नया आयाम देने के लिए तैयार है ‘मिथिला हाट’, मुख्यमंत्री आज करेंगे लोकार्पण

मिथिला की कला-संस्कृति को नया आयाम देने के लिए तैयार है ‘मिथिला हाट’, मुख्यमंत्री आज करेंगे लोकार्पण

संस्कृति
मिथिला को शानदार सौगात: बिहार सरकार के जल संसाधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्री संजय कुमार झा ने किया लोकार्पण की तैयारियों का निरीक्षण संजय कुमार झा ने कहा, 'मिथिला हाट' (Mithila Haat Madhubani) के निर्माण से आसपास के क्षेत्र का तेजी से विकास होगा और रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे रंजन राजन- मधुबनी, 10 जनवरी, 2023: मिथिला को कल (बुधवार को) एक शानदार सौगात मिलने वाली है। मिथिला की कला-संस्कृति से देश-विदेश के लोगों को रूबरू कराने और बिक्री के लिए आधुनिक बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा 'दिल्ली हाट' की तर्ज पर मधुबनी जिले में झंझारपुर प्रखंड के अररिया संग्राम में एनएच 57 के किनारे नवनिर्मित 'मिथिला हाट' का मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार बुधवार को 'समाधान यात्रा' के दौरान लोकार्पण करेंगे। जल संसाधन सह सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्री संजय कुमार झा ने मंगलवार को अधिकारिय...
मिथिला पेंटिंग, मधुबनी कला भारतीय चित्रकला की एक अद्भुत शैली, जाने खास बातें

मिथिला पेंटिंग, मधुबनी कला भारतीय चित्रकला की एक अद्भुत शैली, जाने खास बातें

संस्कृति
Mithila Painting in Maithili: भारतक स्वाभिमान बिहारक गौरव मिथिला पेंटिंग, जे समस्त दुनिया मे मधुबनी पेंटिंग के नाम सँ जानल जाइत अछि, बिहारक एकटा प्रमुख चित्रकला शैली अछि, जाहि मे ग्रामीण परिवेश मे प्रकृति, धर्म आ सामाजिक संस्कारक चित्र उकेरल जाइत अछि। मिथिला पेंटिंग: मधुबनी पेंटिंग मिथिला की एक फोक पेंटिंग है, जो मिथिला के नेपाल और बिहार के क्षेत्र में बनाई जाती है। मिथिला पेंटिंग (Mithila Painting) में मिथिलांचल की संस्कृति कला को दर्शाया जाता है। मिथिला पेंटिंग को मधुबनी पेंटिंग और मधुबनी आर्ट (Madhubani Art) भी कहा जाता है। आज के इस लेख में हम मधुबनी पेंटिंग क्या है, इसका इतिहास क्या है, कैसे यह विश्व में प्रसिद्ध हुई, इसकी क्या खासियत है आदि के बारे में अध्ययन करेंगे। Mithila Painting in Hindi मधुबनी कला (या मिथिला पेंटिंग) भारतीय चित्रकला की एक शैली है, जो भारत के उत्तर बिहार...
मैथिली ग़ज़ल: कलमक हथियार सन हथियार की हेतै। धड़गड़ जिह्वा  सनक तलवार  की  हेतै।।

मैथिली ग़ज़ल: कलमक हथियार सन हथियार की हेतै। धड़गड़ जिह्वा  सनक तलवार  की  हेतै।।

संस्कृति
मैथिली ग़ज़ल (Maithili Ghazal) : गजल मूलतः अरबी शब्द छैक तँए ई बुझबामे कोनो भाँगठ नहि जे गजल नामक काव्य सर्वप्रथम अरबी भाषा सँ आएल छैक। गजल मने प्रेमिकाक आँचर सेहो होइत छैक ,गजल मने हिरणीक दर्द भरल आवाज सेहो होइत छैक, गजल मने प्रेमी-प्रेमीकाक (Maithili Prem Ghazal) गप्प सेहो होइत छैक धरि आब गजल एतय तक सिमित नहिं छैक कहबाक तात्पर्य जे जतेक विषय ततेक आ तेहन गजल। आब गजलमे भूख,गरीबी,दर्द, राजनीति,दहेज, आनो आनो बात सभ गजलकार आनि रहल छथि। आइ एकटा ओहन युवा गजलकारकेँ अभिलाष ठाकुर (Abhilash Thakur) गजल पढ़ब जे मैथिली गजलमे मैथिली गजल (Maithili Ghazal) कम समयमे बहुत पैघ नाम बना चुकल छथि तकर कारण रचनामे कथ्य,शिल्प भाव एकदम लाजवाब रहैत छन्हिं। मैथिली ग़ज़ल लेखक: अभिलाष ठाकुर 1. मैथिली ग़ज़ल कलमक हथियार सन हथियार की हेतै।धड़गड़ जिह्वा  सनक तलवार  की  हेतै।। चाहे &...