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Maithili Madhushravani Geet Lyrics: मधुश्रावणी पाबनिक गीत

Maithili Madhushravani Geet Lyrics: मधुश्रावणी पाबनिक गीत

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आयल हे सखि सर्व सोहाओन | मधुश्रावणी पाबनिक गीत आयल हे सखि सर्व सोहाओनसाओन केर महिनमाठाँओं कयलहुँ अरिपन देलहुँलीखल नाग-नगिनियाँफूल लोढ़लहुँ पाती अनलहुँपूजूपू जूनाग-नगिनियाँलाबा भुजलभु हुँ दूधो अनलहुँखाथु नाग-नगिनियाँआयल हे अलि सर्वसो र्व हाओनसाओन केर महिनमा मधुश्रावणी फूल लोढ़य के गीत लालहि वन हम जायब, फूल लोढ़ब हेमाइ हे सिन्दुर भरल सोहागबलमु संगसं गौरी पूजबपू हे पीयर वन हम जायब, फूल लोढ़ब हेमाइ हे सोनहि भरल सोहागबलमु संगसं गौरी पूजबपू हे हरियर वन हम जायब, फूल लोढ़ब हेमाइ हे बेलप बे त्र भरल सोहागबलमु संगसं गौरी पूजबपू हे कारी वन हम जायब,फूल लोढ़ब हे माइहे काजर भरल सोहागबलमु संगसं गौरी पूजबपू हे उज्जर वन हम जायब, फूल लोढ़ब हे माइहे शांखशां हि भरल सोहागबलमु संगसं गौरी पूजबपू हे पाँचो वन हम जायब, फूल लोढ़ब हे माइहे पाँचो भरल सोहागबलमु संगसं गौरी पूजबपू हे मैथिली टेमी...
माघ पूर्णिमा 2026: 1 या 2 फरवरी? कब है माघ पूर्णिमा – जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व

माघ पूर्णिमा 2026: 1 या 2 फरवरी? कब है माघ पूर्णिमा – जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व

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माघ पूर्णिमा 2026 कब है – 1 या 2 फरवरी? जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त, स्नान-दान विधि, महत्व और व्रत नियम Magh Purnima 2026 Date: माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक अत्यंत पावन और शुभ पर्व माना जाता है। इस दिन स्नान, दान, जप और व्रत का विशेष महत्व होता है। हर साल की तरह 2026 में भी श्रद्धालुओं के मन में यही सवाल है – माघ पूर्णिमा 2026 की सही तिथि क्या है? यह 1 फरवरी को है या 2 फरवरी को? इस लेख में हम आपको माघ पूर्णिमा 2026 की सही तारीख, पूजा मुहूर्त, धार्मिक महत्व, शुभ योग, स्नान-दान की विधि और अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब विस्तार से बताएंगे। माघ पूर्णिमा 2026 की तिथि (Magh Purnima 2026 Date) हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को माघ पूर्णिमा मनाई जाती है। पंचांग की गणना के आधार पर: पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ – 1 फरवरी, सुबह 5 बजकर 52 मिनट से ...
Narak Nivaran Chaturdashi 2026: जानें मिथिला पंचांग के अनुसार सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Narak Nivaran Chaturdashi 2026: जानें मिथिला पंचांग के अनुसार सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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Narak Nivaran Chaturdashi Kab Hai 2026: मिथिलांचल की संस्कृति और धर्म में नरक निवारण चतुर्दशी का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। यह पर्व माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित यह त्योहार पापों के नाश और नर्क के दुखों से मुक्ति पाने के लिए मनाया जाता है। नरक निवारण चतुर्दशी 2026: तिथि और मुहूर्त मिथिला पंचांग के अनुसार, माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक निवारण चतुर्दशी मनाई जाती है। तारीख: 17 जनवरी 2026 दिन: शनिवार चतुर्दशी तिथि शुरू: 16 जनवरी 2026 की रात 10:22 बजे से चतुर्दशी तिथि समाप्त: 18 जनवरी 2026 की रात (मध्यरात्रि) 12:04 बजे तक विशेष नोट: मिथिला में व्रत के लिए उदय तिथि और प्रदोष काल (शाम का समय) का विशेष ध्यान रखा जाता है, इसलिए 17 जनवरी को ही मुख्य व्रत और पूजा की जाएगी। क्या है इस दिन का महत्व? पौ...
Shri Hanuman Chalisa Hindi: श्री हनुमान चालीसा Lyrics PDF

Shri Hanuman Chalisa Hindi: श्री हनुमान चालीसा Lyrics PDF

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Shri Hanuman Chalisa Hindi: हनुमान जी की उपासना से सुख, शांति, आरोग्य एवं लाभ की प्राप्ति होती है। जय श्रीराम, जय हनुमान, जय हनुमान। Shri Hanuman Chalisa PDF: हनुमान चालीसा अवधी में लिखी एक काव्यात्मक कृति है जिसमें प्रभु श्री राम के महान भक्त हनुमान जी के गुणों एवं कार्यों का चालीस चौपाइयों में वर्णन है। यह अत्यन्त लघु रचना है जिसमें पवनपुत्र श्री हनुमान जी की सुन्दर स्तुति की गई है। 'चालीसा' शब्द से अभिप्राय 'चालीस' (40) का है क्योंकि इस स्तुति में 40 छन्द हैं (परिचय के 2 दोहों को छोड़कर)। Shri Hanuman Chalisa Hindi हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) भगवान हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए उनके भक्तों द्वारा की जाने वाली प्रार्थना हैं जिसमें 40 लाइनें होती है इसलिए इस प्रार्थना को हनुमान चालीसा कहा जाता है इस हनुमान चालीसा को गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा लिखा गया है जिसे बहुत शक्तिशा...

Shiv Ji Aarti: शिव जी की आरती | ओम जय शिव ओमकारा

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ॐ जय शिव ओंकारा, जय शिव ओंकारा, प्रभु जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ Shiv Ji Ki Aarti & Mantra ॥ शिव जी की आरती: ओम जय शिव ओमकारा ॥ जय शिव ओंकारा, प्रभु जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे। हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे। तीनों रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी। त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे। सनकादिक ब्रह्मादिक भूतादिक संगे॥ ...

Maa Laxmi Aarti : मां लक्ष्मी की आरती, ॐ जय लक्ष्मी माता

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लक्ष्मी माता की आरती: दिवाली और शुक्रवार के पावन अवसर पर मां लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां की आरती करने से सुख, समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है। Maa Laxmi Content ॥ लक्ष्मी जी की आरती ॥ ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता। कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥ ...

2026 Sankranti Puja Dates | Sankranti Calendar

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संक्रांति कैलेंडर 2026 (Sankranti Dates 2026): सूर्य देव के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। हिंदू पंचांग में एक वर्ष में कुल बारह संक्रांतियां होती हैं। इन बारह संक्रांतियों को चार श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है, जिन्हें अयन, विश्वुव, विष्णुपादी और षडशीतिमुखी संक्रांति के नाम से जाना जाता है। आइए जानते है इस साल संक्रांति कब-कब है। संक्रांति कैलेंडर 2026 वर्ष 2026 की सभी संक्रांति तिथियां और पुण्य काल समय महीने के अनुसार संक्रांति देखें: जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्टूबर नवंबर दिसंबर जनवरी 2026 तारीखसंक्रांति नामपुण्य काल मुहूर्त 14 जन...

Purnima Dates 2026: Full Moon Calendar Days 2026

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Purnima Date List 2026: भारत में हर महीने में पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना विधिपूर्वक करने का विधान है। साथ ही पवित्र नदी में स्नान और दान किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि साल 2026 में (Purnima 2026 dates) पूर्णिमा कब-कब है। पूर्णिमा कैलेंडर 2026 पूर्णिमा व्रत तिथियां, समय और शुभ मुहूर्त महीने के अनुसार तिथि चुनें: जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्टूबर नवंबर दिसंबर जनवरी 2026 तारीखपूर्णिमा नामप्रारंभसमाप्त 03 जन, शनिपौष पूर्णिमा09:12 AM07:35 AM* फरवरी 20...

Ekadashi Dates 2026 | Vrat & Fasting Timing

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Ekadashi 2026 List: नीचे साल 2026 की सभी एकादशी व्रत तिथियों की सूची दी गयी है। आइए जानते है इस वर्ष के हिन्दू पंचांग के अनुसार एकादशी का व्रत कब-कब है। एकादशी कैलेंडर 2026 संपूर्ण तिथियां, पक्ष और पारणा समय महीने के अनुसार देखें: जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्टूबर नवंबर दिसंबर जनवरी 2026 तारीखएकादशीपक्षपारणा समय 14 जन, बुधषटतिलाकृष्ण07:15 - 09:20 29 जन, गुरुजयाशुक्ल07:12 - 09:21 फरवरी 2026 तारीखएकादशीपक्षपारणा समय 13...
Vivah Muhurat in 2026 | Wedding Dates in 2026

Vivah Muhurat in 2026 | Wedding Dates in 2026

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Auspicious Dates for Marriage in the Year 2026 : साल 2026 में जो लोग शादी करने के बारे में सोच रहे हैं उनके लिए शुभ लग्न मुहूर्त के बारे में पता होना जरुरी है। ऐसे में साल 2025 की शुरुआत होने से पहले शादी के शुभ मुहूर्त (Vivah Muhurat 2026) के बारे में जान लेते हैं जो यहां पर दिए गए हैं। Hindu Marriage Dates & Calendars 2026: विवाह की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों के लिए 2026 मिला-जुला रहेगा। साल की शुरुआत जनवरी और फरवरी में भारी संख्या में विवाह मुहूर्तों के साथ होगी। अप्रैल और मई के शुरुआती पखवाड़े तक शहनाइयां गूंजेंगी, लेकिन 17 मई से मलमास और उसके तुरंत बाद चातुर्मास शुरू होने के कारण जून से अक्टूबर के अंत तक विवाह कार्यों पर विराम लग जाएगा। इसके बाद देवोत्थान एकादशी के साथ नवंबर और दिसंबर में फिर से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। मिथिला की परंपरा में केवल तिथि ही नहीं, बल्कि 'स...
Mithila Panchang 2026 | मिथिला पंचांग 2026 PDF Download

Mithila Panchang 2026 | मिथिला पंचांग 2026 PDF Download

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Mithila Panchang 2026-27 PDF Download: मिथिला पंचांग 2025 के अनुसार पावनि के बारे में खोजि रहल छी। अगर हाँ त अहाँ सही पन्ना पर छी। मिथिला पंचांग 2026 - मैथिली पतरा - Mithila Panchang 2026: हिन्दू धर्म मे हर साल कोनो ने कोनो पावनि सब दिन मनाओल जाइत अछि | केकर जानकारी हमरा सब के कैलेंडर या पंचांग स भेटैत अछि। एहि पंचांग मे प्रत्येक पावनि केर तिथि आ शुभ समयक विवरण देल गेल अछि | जकर आधार पर सम्पूर्ण भारत मे पावनि मनाओल जाइत अछि | उत्तर भारत मे ‘मिथिला पंचांग’ क विशेष महत्व अछि। खास क बिहार राज्य मे जतय मिथिलाक लोक एहि हिसाबे अपन व्रत, पावनि-तिहार, विवाह, टोनसुर-विवाह करैत छथि | आइ एहि लेख मे मिथिला पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में आबय वाला पावनि के बारे में जानब। एहि पोस्ट मे अहां सभ के साल 2026 मे हर महीना आबय वाला पाबनि आओर पाबनि के बारे मे पता चलत. त शुरू करी। हिन्दू कैलेंडर 2026...
रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई: रामचरितमानस चौपाई अर्थ सहित, जानिए रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई के बारे में

रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई: रामचरितमानस चौपाई अर्थ सहित, जानिए रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई के बारे में

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Ramayan Ki Chaupai:- हिन्दू धर्म में रामायण का विशिष्ठ स्थान हैं। रामायण का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह कहानी हैं मर्यादा पुरुषोत्तम राम की जिन्होंने में मानव जीवन के धर्म का उदाहरण प्रस्तुत किया हैं। राम चरित मानस चौपाई अर्थ सहित: रामायण के रचियता महर्षि वाल्मीकि थे। रामायण में आपको तुलसीदास की ढेर सारी चौपाइयां मिलेंगी। इन रामायण चौपाई को यदि मनुष्य पढ़ ले और उसका अर्थ समझ ले तो जान लीजिये उसका जीवन सफल है। रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई (Ramcharitmanas Chaupai in Hindi) का विधिपूर्वक जाप करने पर जीवन की विभिन्न प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई बिनु सत्संग विवेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई।।सठ सुधरहिं सत्संगति पाई। पारस परस कुघात सुहाई।। अर्थ : सत्संग के बिना विवेक नहीं होता और राम जी की कृपा के बिना वह सत्संग नहीं मिलता, सत्संगति आनंद और...

Jai Jai Bhairavi Asur Bhayawani Lyrics PDF

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जय जय भैरवि असुर भयाउनिपशुपति भामिनि माया ।सहज सुमति बर दिय हे गोसाउनिअनुगति गति तुअ पाया ।।जय जय भैरवि असुर भयाउनि… बासर रैनि सवासन शोभितबासर रैनि सवासन शोभितचरण चन्द्रमणि चूडा ।कतओक दैत्य मारि मुँह मेललिकतओ उगिलि करु कूडा ।। जय जय भैरवि असुर भयाउनि… सामर वरण नयन अनुरंजितAA..AA..AA..सामर वरण नयन अनुरंजितजलद जोग फुलकोका ।कट–कट विकट ओठ पुट पाँडरिलिधुर फेल उठ फोका ।। जय जय भैरवि असुर भयाउनि… घन–घन–घनन घुघुरु कत बाजएघन–घन–घनन घुघुरु कत बाजएहन–हन कर तुअ काता ।विद्यापति कवि तुअ पद सेवकपुत्र विसरु जनु माता ।। जय जय भैरवि असुर भयाउनिपशुपति भामिनि माया ।सहज सुमति बर दिय हे गोसाउनिअनुगति गति तुअ पाया ।।जय जय भैरवि असुर भयाउनि….. स्रोत : पुस्तक : विद्यापति के गीत (पृष्ठ 9) रचनाकार : विद्यापति प्रकाशन : वाणी प्रकाशन संस्करण : 2011 Jai Jai Bhairavi Asur Bhayawani LyricsDownload...
Ujral Ghar Maiya Aaha Basabai Chhi Lyrics PDF

Ujral Ghar Maiya Aaha Basabai Chhi Lyrics PDF

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Poonam Mishra Maithili Bhagwati Geet Ujaral Ghar Maiya Lyrics उजरल घर मैया मै अहाँबसाबै छी - 2हमरा किया मैया मै घर सं भगबै छी - 2उजरल घर मैया मै अहाँबसाबै छी - 2हमरा किया मैया मै घर सं भगाबै छी - 2 एकटा महल मैया मै हमहू बनोलियै,यैसपना जेना जे सब रंगरं में सजोलियै,यैएकटा महल मैया मै हमहू बनोलियै,यैसपना जेना जे सब रंगरं में सजोलियै,यैएक ज्ञान के रे दिप किया नै जराबै छी - 2हमरा किया मैया मै घर सं भगाबै छी - 2 मानल कपूतपू हम छी त अहि के,तेजबते अहिं माँनै रहब कही के,मानल कपूतपू हम छी तऽ अहि के,तेजबते अहिं माँनै रहब कही के,आँचर आसीस मैया मै किया नै बरहाबै छी - 2हमरा किया मैया मै घर सं भगाबै छी - 2 अहाँबरु छोरु माँहम नै छोरब हे,हेपराने के राइत हेतइहे जो मुँहमुँ मोरब हेअहाँबरु छोरु माँहम नै छोरब हे,हेप्रणे की राइख हेतैहे तैजँमुँहमुँ मोरब हेअंगूअं रगू पकैर किया लग नै बजाबै छी- 2हमरा किय...
Ganesh Stotram Lyrics in Hindi: गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए करें गणपति स्तोत्र का पाठ

Ganesh Stotram Lyrics in Hindi: गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए करें गणपति स्तोत्र का पाठ

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Ganesh Stotram ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र ॐ सिन्दूर-वर्णं द्वि-भुजं गणेशं लम्बोदरं पद्म-दले निविष्टम्।ब्रह्मादि-देवैः परि-सेव्यमानं सिद्धैर्युतं तं प्रणामि देवम्॥ सृष्ट्यादौ ब्रह्मणा सम्यक् पूजित: फल-सिद्धए।सदैव पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे॥ त्रिपुरस्य वधात् पूर्वं शम्भुना सम्यगर्चित:।सदैव पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे॥ हिरण्य-कश्यप्वादीनां वधार्थे विष्णुनार्चित:।सदैव पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे॥ महिषस्य वधे देव्या गण-नाथ: प्रपुजित:।सदैव पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे॥ तारकस्य वधात् पूर्वं कुमारेण प्रपूजित:।सदैव पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे॥ भास्करेण गणेशो हि पूजितश्छवि-सिद्धए।सदैव पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे॥ शशिना कान्ति-वृद्धयर्थं पूजितो गण-नायक:।सदैव पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे॥ पालनाय च तपसां विश्वामित्रेण पूजित:।सदैव पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं कर...